Uss muskuraahat ki talaash hai mujhe ||
Word TRAP !
जब भी लिखना चाहा है, तभी याद आया है , शब्दों के जाल में कहीं खुद को पाया है||
खामोशी
कैसी खामोशी है यें ? जो कभी पहेली लगतीं है , तो कभी वास्तविकता |
RIGHT or WRONG ? in the end .. PERCEPTION is all that matters !
Uss muskuraahat ki talaash hai mujhe ||
जब भी लिखना चाहा है, तभी याद आया है , शब्दों के जाल में कहीं खुद को पाया है||
कैसी खामोशी है यें ? जो कभी पहेली लगतीं है , तो कभी वास्तविकता |